ITR (INCOME TAX RETURN FORMS)

ITR (INCOME TAX RETURN FORMS)

ITR-1 (इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 1) भारत में व्यक्तिगत करदाताओं के लिए सबसे सरल और सामान्य इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म है। यह फॉर्म उन व्यक्तियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिनकी आय सीमित स्रोतों से होती है और जिनकी वित्तीय स्थिति अपेक्षाकृत सरल होती है।

ITR-1 किसके लिए है? (Who can file ITR-1?)

ITR-1 (सहज फॉर्म) निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने वाले व्यक्तियों द्वारा भरा जा सकता है:

  1. आय के स्रोत:
    • वेतन/पेंशन से आय (Income from Salary/Pension)
    • एक घर से आय (Income from One House Property) (किराए पर दी गई संपत्ति से आय, लेकिन घाटा नहीं)
    • अन्य स्रोतों से आय (Income from Other Sources) (जैसे ब्याज, लाभांश, आदि)
    • कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 तक
  2. अयोग्य व्यक्ति (Who cannot file ITR-1?):
    • जिनकी कुल आय ₹50 लाख से अधिक हो।
    • जिन्हें पूंजीगत लाभ (Capital Gains) हुआ हो (जैसे शेयर, प्रॉपर्टी बेचने पर लाभ)।
    • जिन्हें व्यवसाय या पेशे से आय (Income from Business or Profession) हो।
    • जिनकी एक से अधिक घर संपत्ति से आय हो।
    • जिन्होंने विदेश में आय अर्जित की हो।
    • जो निवासी नहीं हैं (Non-Resident Indians – NRIs)।
    • जिनकी कृषि आय ₹5,000 से अधिक हो।
    • जिन्होंने टीडीएस (TDS) की धारा 194N के तहत कर कटौती की हो।
    • जिनके पास विदेशी संपत्ति या आय हो।

ITR-1 में क्या जानकारी दर्ज करनी होती है?

  • व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पता, PAN, आधार)
  • वेतन/पेंशन से आय
  • घर संपत्ति से आय (यदि कोई हो)
  • अन्य स्रोतों से आय (ब्याज, लाभांश, आदि)
  • टैक्स छूट और कटौती (जैसे सेक्शन 80C, 80D)
  • टीडीएस (TDS) और टैक्स भुगतान की जानकारी

ITR-1 कब तक भरना है?

  • ITR-1 आमतौर पर हर वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए 31 जुलाई तक भरा जाना चाहिए। हालांकि, कुछ मामलों में समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।

ITR-1 कैसे भरें?

  • ITR-1 ऑनलाइन (e-filing) या ऑफलाइन भरा जा सकता है।
  • इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट www.incometax.gov.in पर जाकर भरा जा सकता है।

यदि आपकी आय सरल है और उपरोक्त शर्तों को पूरा करती है, तो ITR-1 आपके लिए सही विकल्प है। यदि आपकी आय जटिल है, तो आपको ITR-2, ITR-3, या अन्य फॉर्म भरने की आवश्यकता हो सकती है। 😊

ITR-2 (इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 2) भारत में व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए एक इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म है। यह फॉर्म उन व्यक्तियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिनकी आय ITR-1 की तुलना में अधिक जटिल होती है, लेकिन उन्हें व्यवसाय या पेशे से आय नहीं होती है।

### ITR-2 किसके लिए है? (Who can file ITR-2?)

ITR-2 निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने वाले व्यक्तियों और HUF द्वारा भरा जा सकता है:

1. आय के स्रोत:

– वेतन/पेंशन से आय (Income from Salary/Pension)

– एक से अधिक घर संपत्ति से आय (Income from More than One House Property)

– पूंजीगत लाभ (Capital Gains) (जैसे शेयर, प्रॉपर्टी बेचने पर लाभ)

– अन्य स्रोतों से आय (Income from Other Sources) (जैसे ब्याज, लाभांश, लॉटरी, आदि)

– विदेशी आय (Foreign Income)

– कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 से अधिक

2. अयोग्य व्यक्ति (Who cannot file ITR-2?):

– जिन्हें व्यवसाय या पेशे से आय (Income from Business or Profession) हो।

– जो ITR-1 के लिए पात्र हैं (सरल आय वाले व्यक्ति)।

### ITR-2 में क्या जानकारी दर्ज करनी होती है?

– व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पता, PAN, आधार)

– वेतन/पेंशन से आय

– एक से अधिक घर संपत्ति से आय (यदि कोई हो)

– पूंजीगत लाभ (Capital Gains)

– अन्य स्रोतों से आय (ब्याज, लाभांश, लॉटरी, आदि)

– विदेशी आय और संपत्ति (यदि कोई हो)

– टैक्स छूट और कटौती (जैसे सेक्शन 80C, 80D)

– टीडीएस (TDS) और टैक्स भुगतान की जानकारी

### ITR-2 कब तक भरना है?

– ITR-2 आमतौर पर हर वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए 31 जुलाई तक भरा जाना चाहिए। हालांकि, कुछ मामलों में समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।

### ITR-2 कैसे भरें?

– ITR-2 ऑनलाइन (e-filing) या ऑफलाइन भरा जा सकता है।

– इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट [www.incometax.gov.in](https://www.incometax.gov.in) पर जाकर भरा जा सकता है।

### ITR-1 और ITR-2 में अंतर:

| विशेषता | ITR-1 | ITR-2 |

|————————|——————————–|——————————–|

| आय के स्रोत | सरल (वेतन, एक घर संपत्ति, अन्य स्रोत) | जटिल (वेतन, एक से अधिक घर संपत्ति, पूंजीगत लाभ, विदेशी आय) |

| पूंजीगत लाभ | नहीं | हाँ |

| व्यवसाय आय | नहीं | नहीं |

| कृषि आय | ₹5,000 तक | ₹5,000 से अधिक |

| विदेशी आय/संपत्ति | नहीं | हाँ |

यदि आपकी आय में पूंजीगत लाभ, एक से अधिक घर संपत्ति, या विदेशी आय शामिल है, तो ITR-2 आपके लिए सही विकल्प है। यदि आपकी आय और सरल है, तो ITR-1 भर सकते हैं। 😊

ITR-3 (इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 3) भारत में व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए एक इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म है। यह फॉर्म उन व्यक्तियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिन्हें व्यवसाय या पेशे से आय (Income from Business or Profession) होती है, साथ ही अन्य स्रोतों से आय भी होती है।

### ITR-3 किसके लिए है? (Who can file ITR-3?)

ITR-3 निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने वाले व्यक्तियों और HUF द्वारा भरा जा सकता है:

1. आय के स्रोत:

– व्यवसाय या पेशे से आय (Income from Business or Profession)

– वेतन/पेंशन से आय (Income from Salary/Pension)

– घर संपत्ति से आय (Income from House Property)

– पूंजीगत लाभ (Capital Gains) (जैसे शेयर, प्रॉपर्टी बेचने पर लाभ)

– अन्य स्रोतों से आय (Income from Other Sources) (जैसे ब्याज, लाभांश, लॉटरी, आदि)

– विदेशी आय (Foreign Income)

– कृषि आय (Agricultural Income)

2. अयोग्य व्यक्ति (Who cannot file ITR-3?):

– जिन्हें केवल वेतन, एक घर संपत्ति, और अन्य स्रोतों से आय हो (ये ITR-1 या ITR-2 भर सकते हैं)।

– जिन्हें केवल पूंजीगत लाभ और अन्य स्रोतों से आय हो (ये ITR-2 भर सकते हैं)।

### ITR-3 में क्या जानकारी दर्ज करनी होती है?

– व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पता, PAN, आधार)

– व्यवसाय या पेशे से आय (Income from Business or Profession)

– वेतन/पेंशन से आय (यदि कोई हो)

– घर संपत्ति से आय (यदि कोई हो)

– पूंजीगत लाभ (Capital Gains) (यदि कोई हो)

– अन्य स्रोतों से आय (ब्याज, लाभांश, लॉटरी, आदि)

– विदेशी आय और संपत्ति (यदि कोई हो)

– टैक्स छूट और कटौती (जैसे सेक्शन 80C, 80D)

– टीडीएस (TDS) और टैक्स भुगतान की जानकारी

### ITR-3 कब तक भरना है?

– ITR-3 आमतौर पर हर वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए 31 जुलाई तक भरा जाना चाहिए। हालांकि, कुछ मामलों में समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।

### ITR-3 कैसे भरें?

– ITR-3 ऑनलाइन (e-filing) या ऑफलाइन भरा जा सकता है।

– इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट [www.incometax.gov.in](https://www.incometax.gov.in) पर जाकर भरा जा सकता है।

### ITR-2 और ITR-3 में अंतर:

| विशेषता | ITR-2 | ITR-3 |

|————————|——————————–|——————————–|

| व्यवसाय आय | नहीं | हाँ |

| पेशे से आय | नहीं | हाँ |

| पूंजीगत लाभ | हाँ | हाँ |

| विदेशी आय/संपत्ति | हाँ | हाँ |

| कृषि आय | हाँ | हाँ |

### उदाहरण:

– यदि आप एक डॉक्टर, वकील, सीए, या किसी अन्य पेशे में हैं, तो आपको ITR-3 भरना होगा।

– यदि आप एक व्यवसायी हैं (जैसे दुकानदार, निर्माता, आदि), तो आपको ITR-3 भरना होगा।

यदि आपकी आय में व्यवसाय या पेशे से आय शामिल है, तो ITR-3 आपके लिए सही विकल्प है। यदि आपकी आय सरल है और व्यवसाय आय नहीं है, तो ITR-1 या ITR-2 भर सकते हैं। 😊

ITR-4 (इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 4) भारत में व्यक्तिगत करदाताओं, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), और साझेदारी फर्म (Partnership Firms) के लिए एक इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म है। यह फॉर्म उन व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम (Presumptive Taxation Scheme) के तहत अपनी आय की रिपोर्ट करते हैं। इस स्कीम के तहत, करदाताओं को अपनी वास्तविक आय की बजाय एक निर्धारित प्रतिशत के आधार पर आय की गणना करने की अनुमति होती है।

### ITR-4 किसके लिए है? (Who can file ITR-4?)

ITR-4 निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने वाले व्यक्तियों, HUF, और साझेदारी फर्म द्वारा भरा जा सकता है:

1. आय के स्रोत:

– व्यवसाय से आय (Income from Business) – जो प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत आते हैं।

– पेशे से आय (Income from Profession) – जो प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत आते हैं।

– वेतन/पेंशन से आय (Income from Salary/Pension) – ₹5 लाख तक।

– एक घर संपत्ति से आय (Income from One House Property) (किराए पर दी गई संपत्ति से आय, लेकिन घाटा नहीं)।

– अन्य स्रोतों से आय (Income from Other Sources) (जैसे ब्याज, लाभांश, आदि)।

– कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 तक।

2. प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम:

सेक्शन 44AD: व्यवसाय से आय के लिए (टर्नओवर ₹2 करोड़ तक)।

सेक्शन 44ADA: पेशे से आय के लिए (टर्नओवर ₹50 लाख तक)।

सेक्शन 44AE: ट्रक या भारी वाहनों के लिए।

3. अयोग्य व्यक्ति (Who cannot file ITR-4?):

– जिनकी कुल आय ₹50 लाख से अधिक हो।

– जिन्हें पूंजीगत लाभ (Capital Gains) हुआ हो (जैसे शेयर, प्रॉपर्टी बेचने पर लाभ)।

– जिनकी एक से अधिक घर संपत्ति से आय हो।

– जिन्हें विदेशी आय (Foreign Income) हो।

– जिनके पास विदेशी संपत्ति हो।

– जो निवासी नहीं हैं (Non-Resident Indians – NRIs)।

### ITR-4 में क्या जानकारी दर्ज करनी होती है?

– व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पता, PAN, आधार)

– व्यवसाय या पेशे से आय (प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत)

– वेतन/पेंशन से आय (यदि कोई हो)

– एक घर संपत्ति से आय (यदि कोई हो)

– अन्य स्रोतों से आय (ब्याज, लाभांश, आदि)

– टैक्स छूट और कटौती (जैसे सेक्शन 80C, 80D)

– टीडीएस (TDS) और टैक्स भुगतान की जानकारी

### ITR-4 कब तक भरना है?

– ITR-4 आमतौर पर हर वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए 31 जुलाई तक भरा जाना चाहिए। हालांकि, कुछ मामलों में समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।

### ITR-4 कैसे भरें?

– ITR-4 ऑनलाइन (e-filing) या ऑफलाइन भरा जा सकता है।

– इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट [www.incometax.gov.in](https://www.incometax.gov.in) पर जाकर भरा जा सकता है।

### ITR-4 के लिए उदाहरण:

– यदि आप एक छोटे दुकानदार, ठेकेदार, या फ्रीलांसर हैं और प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत टैक्स भरते हैं, तो आप ITR-4 भर सकते हैं।

– यदि आप एक ट्रक मालिक हैं और सेक्शन 44AE के तहत टैक्स भरते हैं, तो आप ITR-4 भर सकते हैं।

### ITR-3 और ITR-4 में अंतर:

| विशेषता | ITR-3 | ITR-4 |

|————————|——————————–|——————————–|

| व्यवसाय आय | वास्तविक आय के आधार पर | प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत |

| पेशे से आय | वास्तविक आय के आधार पर | प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत |

| पूंजीगत लाभ | हाँ | नहीं |

| विदेशी आय/संपत्ति | हाँ | नहीं |

यदि आप प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत टैक्स भरते हैं और आपकी आय सरल है, तो ITR-4 आपके लिए सही विकल्प है। यदि आपकी आय जटिल है या आप प्रेजम्पटिव स्कीम के तहत नहीं आते हैं, तो ITR-3 भर सकते हैं। 😊

ITR-5 (इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 5) भारत में फर्म्स, एलएलपी (LLP), एओपी (AOP), बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOI), कोऑपरेटिव सोसाइटी, और ट्रस्ट्स जैसी संस्थाओं के लिए एक इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म है। यह फॉर्म उन संस्थाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो व्यक्तिगत करदाता (Individual), हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), या कंपनी (Company) नहीं हैं।

### ITR-5 किसके लिए है? (Who can file ITR-5?)

ITR-5 निम्नलिखित संस्थाओं द्वारा भरा जा सकता है:

1. फर्म्स (Partnership Firms)

2. लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP)

3. एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP)

4. बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOI)

5. कोऑपरेटिव सोसाइटी (Cooperative Society)

6. लोकल अथॉरिटी (Local Authority)

7. आर्टिफिशियल ज्यूडिशियल पर्सन (Artificial Judicial Person)

8. ट्रस्ट्स (Trusts)

9. रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT)

10. इन्वेस्टमेंट फंड्स (Investment Funds)

### ITR-5 में क्या जानकारी दर्ज करनी होती है?

– संस्था की जानकारी (नाम, पता, PAN, आदि)

– व्यवसाय या पेशे से आय (Income from Business or Profession)

– घर संपत्ति से आय (Income from House Property)

– पूंजीगत लाभ (Capital Gains)

– अन्य स्रोतों से आय (Income from Other Sources)

– विदेशी आय और संपत्ति (यदि कोई हो)

– टैक्स छूट और कटौती (जैसे सेक्शन 80C, 80D)

– टीडीएस (TDS) और टैक्स भुगतान की जानकारी

### ITR-5 कब तक भरना है?

– ITR-5 आमतौर पर हर वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए 31 अक्टूबर तक भरा जाना चाहिए। हालांकि, कुछ मामलों में समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।

### ITR-5 कैसे भरें?

– ITR-5 ऑनलाइन (e-filing) या ऑफलाइन भरा जा सकता है।

– इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट [www.incometax.gov.in](https://www.incometax.gov.in) पर जाकर भरा जा सकता है।

### ITR-5 के लिए उदाहरण:

– यदि आप एक पार्टनरशिप फर्म (Partnership Firm) हैं, तो आप ITR-5 भर सकते हैं।

– यदि आप एक एलएलपी (LLP) हैं, तो आप ITR-5 भर सकते हैं।

– यदि आप एक ट्रस्ट (Trust) हैं, तो आप ITR-5 भर सकते हैं।

– यदि आप एक कोऑपरेटिव सोसाइटी (Cooperative Society) हैं, तो आप ITR-5 भर सकते हैं।

### ITR-5 और ITR-4 में अंतर:

| विशेषता | ITR-4 | ITR-5 |

|————————|——————————–|——————————–|

| करदाता | व्यक्तिगत, HUF, साझेदारी फर्म | फर्म्स, एलएलपी, एओपी, ट्रस्ट्स, कोऑपरेटिव सोसाइटी |

| व्यवसाय आय | प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत | वास्तविक आय के आधार पर |

| पेशे से आय | प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत | वास्तविक आय के आधार पर |

| पूंजीगत लाभ | नहीं | हाँ |

| विदेशी आय/संपत्ति | नहीं | हाँ |

यदि आप एक संस्था हैं और आपकी आय व्यवसाय, पेशे, या अन्य स्रोतों से होती है, तो ITR-5 आपके लिए सही विकल्प है। यदि आप एक व्यक्तिगत करदाता हैं और प्रेजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम के तहत टैक्स भरते हैं, तो ITR-4 भर सकते हैं। 😊

ITR-6 (इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 6) भारत में कंपनियों (Companies) के लिए एक इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म है। यह फॉर्म उन कंपनियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो सेक्शन 8 कंपनी (Section 8 Company) नहीं हैं और जो ई-फाइलिंग (e-filing) के माध्यम से अपना रिटर्न दाखिल करती हैं। सेक्शन 8 कंपनियां (जो गैर-लाभकारी संगठन होती हैं) ITR-7 भरती हैं।

### ITR-6 किसके लिए है? (Who can file ITR-6?)

ITR-6 निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने वाली कंपनियों द्वारा भरा जा सकता है:

1. कंपनियां (Companies):

– सार्वजनिक कंपनियां (Public Companies)

– निजी कंपनियां (Private Companies)

– विदेशी कंपनियां (Foreign Companies)

– एक व्यक्ति कंपनी (One Person Company – OPC)

2. अयोग्य संस्थाएं (Who cannot file ITR-6?):

– सेक्शन 8 कंपनियां (Section 8 Companies) – ये ITR-7 भरती हैं।

– व्यक्तिगत करदाता (Individuals), HUF, फर्म्स, एलएलपी, ट्रस्ट्स, आदि – ये अन्य ITR फॉर्म (जैसे ITR-1, ITR-2, ITR-3, ITR-4, ITR-5) भरते हैं।

### ITR-6 में क्या जानकारी दर्ज करनी होती है?

– कंपनी की जानकारी (नाम, पता, PAN, आदि)

– व्यवसाय या पेशे से आय (Income from Business or Profession)

– घर संपत्ति से आय (Income from House Property)

– पूंजीगत लाभ (Capital Gains)

– अन्य स्रोतों से आय (Income from Other Sources)

– विदेशी आय और संपत्ति (यदि कोई हो)

– टैक्स छूट और कटौती (जैसे सेक्शन 80C, 80D)

– टीडीएस (TDS) और टैक्स भुगतान की जानकारी

– वित्तीय विवरण (Financial Statements) – बैलेंस शीट, प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट, आदि

### ITR-6 कब तक भरना है?

– ITR-6 आमतौर पर हर वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए 31 अक्टूबर तक भरा जाना चाहिए। हालांकि, कुछ मामलों में समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।

### ITR-6 कैसे भरें?

– ITR-6 केवल ई-फाइलिंग (e-filing) के माध्यम से भरा जा सकता है। इसे ऑफलाइन भरने की अनुमति नहीं है।

– इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट [www.incometax.gov.in](https://www.incometax.gov.in) पर जाकर भरा जा सकता है।

### ITR-6 के लिए उदाहरण:

– यदि आप एक सार्वजनिक कंपनी (Public Company) हैं, तो आप ITR-6 भर सकते हैं।

– यदि आप एक निजी कंपनी (Private Company) हैं, तो आप ITR-6 भर सकते हैं।

– यदि आप एक विदेशी कंपनी (Foreign Company) हैं, तो आप ITR-6 भर सकते हैं।

### ITR-6 और ITR-7 में अंतर:

| विशेषता | ITR-6 | ITR-7 |

|————————|——————————–|——————————–|

| करदाता | सामान्य कंपनियां | सेक्शन 8 कंपनियां (गैर-लाभकारी संगठन) |

| लाभकारी/गैर-लाभकारी | लाभकारी कंपनियां | गैर-लाभकारी संगठन |

| ई-फाइलिंग | अनिवार्य | अनिवार्य |

### ITR-6 और ITR-5 में अंतर:

| विशेषता | ITR-5 | ITR-6 |

|————————|——————————–|——————————–|

| करदाता | फर्म्स, एलएलपी, ट्रस्ट्स, कोऑपरेटिव सोसाइटी | कंपनियां |

| व्यवसाय आय | वास्तविक आय के आधार पर | वास्तविक आय के आधार पर |

| पेशे से आय | वास्तविक आय के आधार पर | वास्तविक आय के आधार पर |

| पूंजीगत लाभ | हाँ | हाँ |

| विदेशी आय/संपत्ति | हाँ | हाँ |

यदि आप एक कंपनी हैं और सेक्शन 8 कंपनी नहीं हैं, तो ITR-6 आपके लिए सही विकल्प है। यदि आप एक गैर-लाभकारी संगठन हैं, तो ITR-7 भर सकते हैं। 😊

ITR-7 (इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 7) भारत में विशेष प्रकार की संस्थाओं और व्यक्तियों के लिए एक इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म है। यह फॉर्म उन संस्थाओं और व्यक्तियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो सेक्शन 139(4A), 139(4B), 139(4C), या 139(4D) के तहत अपना रिटर्न दाखिल करते हैं। इसमें मुख्य रूप से गैर-लाभकारी संगठन (Non-Profit Organizations), ट्रस्ट्स, राजनीतिक दल, और अन्य विशेष संस्थाएं शामिल हैं।

### ITR-7 किसके लिए है? (Who can file ITR-7?)

ITR-7 निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों द्वारा भरा जा सकता है:

1. सेक्शन 139(4A): ट्रस्ट्स, चैरिटेबल संस्थाएं, और धार्मिक संस्थाएं जो आयकर अधिनियम के तहत छूट प्राप्त हैं।

2. सेक्शन 139(4B): राजनीतिक दल (Political Parties)।

3. सेक्शन 139(4C): वैज्ञानिक शोध संस्थाएं, न्यायिक संस्थाएं, और अन्य विशेष संस्थाएं।

4. सेक्शन 139(4D): विश्वविद्यालय, कॉलेज, और अन्य शैक्षणिक संस्थाएं जो आयकर अधिनियम के तहत छूट प्राप्त हैं।

### ITR-7 में क्या जानकारी दर्ज करनी होती है?

– संस्था या व्यक्ति की जानकारी (नाम, पता, PAN, आदि)

– आय के स्रोत (Income Sources)

– व्यय और खर्च (Expenses)

– टैक्स छूट और कटौती (जैसे सेक्शन 80G)

– टीडीएस (TDS) और टैक्स भुगतान की जानकारी

– वित्तीय विवरण (Financial Statements) – बैलेंस शीट, प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट, आदि

### ITR-7 कब तक भरना है?

– ITR-7 आमतौर पर हर वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए 31 अक्टूबर तक भरा जाना चाहिए। हालांकि, कुछ मामलों में समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।

### ITR-7 कैसे भरें?

– ITR-7 ऑनलाइन (e-filing) या ऑफलाइन भरा जा सकता है।

– इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट [www.incometax.gov.in](https://www.incometax.gov.in) पर जाकर भरा जा सकता है।

### ITR-7 के लिए उदाहरण:

– यदि आप एक ट्रस्ट (Trust) हैं और सेक्शन 12A/12AA के तहत पंजीकृत हैं, तो आप ITR-7 भर सकते हैं।

– यदि आप एक चैरिटेबल संस्था (Charitable Institution) हैं, तो आप ITR-7 भर सकते हैं।

– यदि आप एक राजनीतिक दल (Political Party) हैं, तो आप ITR-7 भर सकते हैं।

– यदि आप एक शैक्षणिक संस्था (Educational Institution) हैं, तो आप ITR-7 भर सकते हैं।

### ITR-7 और ITR-6 में अंतर:

| विशेषता | ITR-6 | ITR-7 |

|————————|——————————–|——————————–|

| करदाता | सामान्य कंपनियां | ट्रस्ट्स, चैरिटेबल संस्थाएं, राजनीतिक दल, शैक्षणिक संस्थाएं |

| लाभकारी/गैर-लाभकारी | लाभकारी कंपनियां | गैर-लाभकारी संगठन |

| ई-फाइलिंग | अनिवार्य | अनिवार्य |

### ITR-7 और ITR-5 में अंतर:

| विशेषता | ITR-5 | ITR-7 |

|————————|——————————–|——————————–|

| करदाता | फर्म्स, एलएलपी, ट्रस्ट्स, कोऑपरेटिव सोसाइटी | ट्रस्ट्स, चैरिटेबल संस्थाएं, राजनीतिक दल, शैक्षणिक संस्थाएं |

| लाभकारी/गैर-लाभकारी | लाभकारी और गैर-लाभकारी दोनों | गैर-लाभकारी संगठन |

| ई-फाइलिंग | अनिवार्य | अनिवार्य |

यदि आप एक गैर-लाभकारी संगठन, ट्रस्ट, राजनीतिक दल, या शैक्षणिक संस्था हैं, तो ITR-7 आपके लिए सही विकल्प है। यदि आप एक सामान्य कंपनी हैं, तो ITR-6 भर सकते हैं। 😊

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